
जैन पाठशाला समिति, जयपुर · रजि. 522/जयपुर/2017-18 — “संस्कार विहीन सुविधाएँ पतन का कारण हैं”
जैन पाठशाला समिति के 18 अगस्त 2026 के पत्र के अनुसार
All 878 videos of the pathshala's YouTube channel, sorted into series — from animation films for children to multi-year daily svadhyay.
एनिमेशन फ़िल्में, ऑनलाइन पाठशाला और शिक्षण शिविरों की बाल कक्षाएँ — णमोकार मंत्र से सात तत्त्व तक।
पाठशाला के बच्चों के कण्ठपाठ, मंगलाचरण और मंच प्रस्तुतियाँ।
भक्ष्य-अभक्ष्य, पानी छानना, पाठशाला की उपयोगिता — छोटे और सरल वीडियो।
चौंसठ ऋद्धियाँ, समवशरण, षट्खण्डागम, तत्त्वार्थसूत्र, ध्यान और लोक-रचना पर क्रमबद्ध स्वाध्याय।
बारह भावना, श्रावक के व्रत, द्रव्य संग्रह, मोक्षमार्ग प्रकाशक और सम्यग्दर्शन पर क्रमबद्ध स्वाध्याय।
दशलक्षण महापर्व के दस धर्मों पर प्रवचन — 2020, 2021 और 2025।
ई-धार्मिक शिक्षण शिविर 2021 की कक्षाएँ — छहढाला, तत्त्वार्थसूत्र, भक्तामर — तथा शिविरों के समारोह।
पाठशाला के मंच पर आमंत्रित विद्वानों के प्रवचन और तत्त्वचर्चा।
सांस्कृतिक कार्यक्रम, संगोष्ठियाँ, भजन संध्या, श्रद्धांजलि सभाएँ और झलकियाँ।
बाल ब्र. पण्डित रवीन्द्र जी ‘आत्मन्’ एवं बाल ब्र. पण्डित सुमतप्रकाश जी की सत्प्रेरणा से जैन पाठशाला समिति वर्ष 2016 से जयपुर एवं देश के अनेक शहरों में लगभग 70 जैन पाठशालाओं का विधिवत संचालन करती रही है। साप्ताहिक पाठशालाओं में पाँच हज़ार से अधिक बच्चों को शिक्षण कराया जा चुका है।
जैन समाज के बच्चों में जैनत्व के संस्कारों का बीजारोपण और वीतरागी जैन तत्त्वज्ञान का सामान्य जन में प्रचार-प्रसार — इसी उद्देश्य से पाठशालाओं के लिए नवीन पाठ्यक्रम बनाया गया है, जिसे ई-बुक, पीपीटी, कक्षा-शिक्षण, एनिमेशन, वर्कशीट और ऑनलाइन शिक्षण द्वारा प्रशिक्षित शास्त्री विद्वान एवं स्थानीय शिक्षक सरल तरीके से पढ़ाते हैं।
प्रतिवर्ष जैन पाठशाला एवं दिगम्बर जैन महासमिति, राजस्थान अंचल के संयुक्त तत्त्वावधान में जयपुर के लगभग 75 मन्दिरों में धार्मिक शिक्षण शिविर आयोजित होता है, जिसमें लगभग चार हज़ार शिविरार्थी धार्मिक ज्ञान प्राप्त करते हैं। वर्तमान में जयपुर शहर में 22 पाठशालाएँ चल रही हैं, जिनमें अधिकतर केन्द्र स्वपोषित हैं।
From the Samiti's own account of how its weekly centres work.
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